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श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री अनूप धानक श्रमिक साइटों का निरीक्षण करते हुए । साथ में है श्रम विभाग के अधिकारी।

@Mahesh Kumar

हरियाणा के श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री अनूप धानक ने कहा कि कोरोना वायरस कोविड-19 के मद्देनजर प्रदेश में किसी भी श्रमिक की नौकरी नहीं जाएगी। सरकार श्रमिकों को हर सम्भव मदद के लिए प्रयासरत है। श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री अनूप धानक रविवार को दोपहर बाद स्थानीय श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ अमरीका इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज/ अम्मा अस्पताल सैक्टर-88 और कोन साइट सैक्टर-78 का निरीक्षण कर रहे थे। इन दोनों साइट्स पर लगभग 1500  श्रमिक कार्य करते हैं। उन्होंने श्रम विभाग के अधिकारियों से फीडबैक लिया। उन्होंने लेबर साइटों तथा शेल्टर होम में जाकर श्रमिकों से बातचीत की। उन्होंने मजदूरों से कहा कि वे इस परिस्थिति से घबराएं नहीं, क्योंकि इस संकट की घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है।हरियाणा के श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री अनूप धानक ने श्रमिकों के रहने के स्थानों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मजदूरों से कहा कि चिंता ना करें, आप में से किसी की भी नौकरी नहीं जाएगी, सभी का रोजगार यथावत बना रहेगा। राज्य मंत्री ने सभी मजदूरों तथा श्रमिकों को कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए एक दूसरे के बीच कम से कम एक से डेढ़ मीटर का फासला रखने अर्थात सोशल डिस्टेंसिंग अपनाने की अपील भी की।राज्यमंत्री अनूप धानक उन स्थानों पर गए जहां पर ज्यादा संख्या में श्रमिक परिवार रह रहे हैं। वहां पर राज्यमंत्री ने श्रमिकों से खुलकर बातचीत की। उनकी समस्याएं पूछी और सारा जायजा लेने के बाद श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों से श्रमिकों की स्थिति के बारे में विस्तार से चर्चा की और निर्देश दिए कि किसी श्रमिक को नौकरी से ना निकाला जाए, यह ध्यान रखें। श्रमिकों को समय पर वेतन मिले। उन्होंने मजदूरों के रहने के स्थानों को संक्रमण मुक्त करने के आदेश भी दिए हैं।अधिकारियों के साथ समीक्षा के दौरान राज्य मंत्री अनूप धानक ने  निर्देश दिए कि श्रम विभाग के अधिकारीगण यह सुनिश्चित करें कि लॉक डाउन की अवधि के दौरान कोई भी श्रमिक परिवार भूखा ना रहे, सभी को खाना मिले।राशन की दुकानों से खाद्य सामग्री सस्ती दरों पर उपलब्ध करवाई जाए। श्रमिकों के हैल्थ जांच व अन्य चिकित्सा सुविधाए उपलब्ध करवाई जाए और जरूरत पड़ने पर एम्बुलेंस की सुविधा प्रदान करें । श्रमिकों के घरों में गैस सिलेंडर आदि सुविधाए भी जरूरत के अनुसार नियमित मिलें।राज्य मंत्री को श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया गया कि फरीदाबाद  जिला में प्रशासन द्वारा 21 शेल्टर होम बनाए गए हैं, जहां पर प्रतिदिन दो बार खाना दिया जा रहा है। इसके अलावा भी फूड कैंप चलाए जा रहे हैं, जहां पर जाकर जरूरतमंद लोग खाना खाकर वापस अपने रहने के स्थान पर आ सकते हैं। राज्यमंत्री को बताया गया कि जिला में स्वयंसेवी संस्थाओं, कम्पनियों, ग्राम पंचायतों तथा दानवीर लोगों के सहयोग से जिला प्रशासन द्वारा हर रोज  फूड पैकेटों  का वितरण जरूरतमंद लोगों में किया जा रहा है। फरीदाबाद  में  कंस्ट्रक्शन साइटों पर रह रहे वर्करों को एंपलॉयर द्वारा खाना तथा राशन दिया जा रहा है। समीक्षा के दौरान राज्य मंत्री को श्रम विभाग के अधिकारियों द्वारा यह भी बताया गया कि राज्य सरकार के निर्देश अनुसार जिला फरीदाबाद  में आवश्यक सेवाओं से संबंधित फैक्टरियों में 71 साइटों पर काम चल रहा है जिनमें लगभग 3 हजार 375 लोग प्रतिदिन काम कर रहे हैं। इनमें मुख्य रूप से फेस मास्क, हैंड सैनिटाइजर, टेलीकॉम, खाना पकाने आदि से जुड़े काम किये जा रहे हैं। श्री धानक ने श्रम विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे यह भी सुनिश्चित करें कि श्रमिकों की बस्ती में चलाई जा रही आवश्यक वस्तुओं की दुकान पर उनसे प्रशासन द्वारा निर्धारित रेट से ज्यादा रेट ना वसूले जाएं। इसके अलावा, श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री ने श्रम विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे श्रमिकों तथा उनके परिवारों से कहें, कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए जहां तक संभव हो अपने घरों के अंदर ही रहे और अगर बाहर जाना भी पड़े तो एक दूसरे के बीच कम से कम 3 से 4 फुट का फासला जरूर रखें। उन्होंने कहा कि हमारे मजदूर भाई कम पढ़े लिखे होते हैं, इसलिए उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग तथा बीमारी से बचाव के तमाम तरीके अपनाने और सावधानी बरतने  के बारे में जागरूक करें।इस मौके पर उप श्रम आयुक्त धर्मेन्द्र सिंह, डिप्टी लेबर कमिश्नर सुधा चौधरी, सहायक उप श्रम आयुक्त विजय वीर धारीवाल, राजबीर सिंह तथा नवीन हुड्डा सहित अन्य अधिकारी  उपस्थित थे।


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