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पेट्रोल-डीजल पर बढ़ी 3 रुपये एक्साइज ड्यूटी के विरोध में एनएसयूआई ने फूंका मोदी का पुतला

@Mahesh Kumar

मोदी राज में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद जनता को फायदा नही : कृष्ण अत्री आज एनएसयूआई फरीदाबाद के कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल डीजल पर बढ़ी 3 रुपये एक्साइज ड्यूटी का विरोध करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। इस प्रदर्शन का नेतृत्व एनएसयूआई हरियाणा के प्रदेश महासचिव कृष्ण अत्री ने किया। इस दौरान प्रदेश महासचिव कृष्ण अत्री ने कहा कि पिछले सप्ताह में कच्चे तेल की कीमतों में 30% से अधिक की गिरावट देखी गई है, लेकिन मोदी सरकार ने लोगों को इस गिरावट के लाभ से वंचित रखा है और पेट्रोल और डीजल पर छूट देने के बजाय इस पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाना जारी है। कृष्ण अत्री ने कहा कि 2014 में जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे तो कच्चा तेल लगभग 107 डॉलर बैरल था और पेट्रोल के दाम लगभग 71 रुपये और डीजल के लगभग 55 रुपये रेट थे लेकिन मोदी सरकार में कच्चे तेल की कीमत में लगातार गिरावट आ रही है जोकि गिरकर 35 डॉलर हुई है लेकिन इसके बावजूद पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई खास गिरावट नही हुई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल पर 9.20 रुपये तथा डीजल पर 3.46 रुपये एक्साइज ड्यूटी थी लेकिन मोदी सरकार में यही एक्साइज ड्यूटी बढ़कर पेट्रोल पर 22.98 रुपये और डीजल पर 18.83 रुपये हो गई है। मोदी सरकार को आम जनता की जेब काटकर अब तक 3.4 लाख करोड़ रुपये बच चुके है। कृष्ण अत्री ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अक्सर दावा करते हैं कि "सबका साथ, सबका विकास" उनकी सरकार का मार्गदर्शक सिद्धांत है। लेकिन वास्तव में, उनकी सरकार की कार्यवाही और नीतियां पूरी तरह से विपरीत है और उनकी सरकार सब के लिए नही बल्कि कुछ लोगों के लिए काम करती है जिसमें वह खुद और अंबानी, अडानी और मेहुल चोकसी, नीरव मोदी आदि शामिल हैं। ऐसे में एनएसयूआई मांग करती है कि मोदी सरकार को कच्चे तेल के घटे हुए अंतर्राष्ट्रीय दामों का लाभ देश की जनता को पहुँचाकर फौरन पेट्रोल-डीज़ल-रसोई गैस के मूल्य 35-40% कम करने चाहिए। इस मौके पर प्रदीप नागर, परवेज खान, हंसराज, योगेश शर्मा, लक्ष्य चौधरी, आर्यन खान, शिवम सिंघानिया, योगेश नागर, देवा, अंश पंडित, प्रकाश, ललित, राहुल, अनिल, रोहित आदि मौजूद थे।


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