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मिड डे मील के एवं मदर ग्रुप की कार्यकर्ताओं ने प्रोग्राम अधिकारी के कार्यालय का किया घेराव

@Anuj Sharma

मदर ग्रुप एवम् मिड डे मील की महिला कार्यकर्ताओं ने आज वीरवार को प्रोग्राम अधिकारी के सेक्टर 16 स्थित कार्यालय में उनका घेराव किया। प्रोग्राम अधिकारी की कार्यप्रणाली से नाराज हुए बैठी मदर ग्रुप और मिड डे मील वर्करों ने जमकर नारेबाजी की। आंदोलनरत कार्यकर्ताओं को सीटू के जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने बताया की मदर ग्रुप और स्वयं सहायता समूह की वर्कर पिछले 18 महीने से वेतन के लिए तरस रही है।इन वर्करों से आंगनबाड़ी सेंटरों में बच्चों के लिए दिन का खाना बनाने का काम लिया जाता है। लेकिन वेतन देने के नाम पर सीडीपीओ और प्रोग्राम अधिकारी बजट नहीं होने का बहाना बनाती हैं। इन वर्करों के साथ भेदभाव हो रहा है। एक तरफ रेगुलर कर्मचारियों को महीने की पहली तारीख को तनखा मिलती हैं दूसरी तरफ आगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए खाना बनाने का काम करने वाली इन महिलाओं को वेतन के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ती हैं। यह जानकारी मदर ग्रुप की प्रधान निजरवी ने दी। उन्होंने बताया कि मदर ग्रुप और मिड डे मील वर्कर की संयुक्त बैठक में मांगों को लागू करने के लिए प्रोग्राम अधिकारी के कार्यालय पर बेमियादी आंदोलन आरंभ करने का निर्णय लिया गया था। उसी फैसले के तहत आज कार्यालय का घेराव किया गया। मौके पर मौजूद प्रोग्राम अधिकारी ने शिष्टमंडल को 24 मार्च को मीटिंग का समय दे दिया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए बताया कि यदि मीटिंग में सभी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो यूनियन फिर से आंदोलन करने पर मजबूर होगी।, सीटू के जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने बताया कि इन वर्केरो को अपने घर से एडवांस में ईंधन, दलाई, पिसाई आदि पर पैसा खर्च करना पड़ता है। जबकि यह कार्य प्रोग्राम अधिकारी और सीडीपीओ और सुपरवाइजर और आगनबाड़ी वर्कर का बनता है। एक तरफ सरकार मदर ग्रुप की महिलाओं को पक्का रोजगार नहीं दे रही है। दूसरी तरफ इनको काम करने के बदले में उचित मानदेय भी समय पर नहीं मिलता है। इन वर्करों में भारी नाराजगी व्याप्त है। क्योंकि इन महिला वर्करों से बायोमेट्रिक मशीन में दो बार दिन में हाजिरी लगवाई जाती है। लेकिन दिन भर काम करने के बाद जीने लायक वेतन नहीं मिलता है। स्कूल के अध्यापक भी इनका शोषण करते हैं। इसके साथ साथ आंगनबाड़ी केंद्रों की इंचार्ज सीडीपीओ और प्रोग्राम अधिकारी भी इनके प्रति नकारात्मक रवैया ही अपनाती हैं। डंगवाल ने चेतावनी दी है कि यदि आंगनवाड़ी मैं काम करने वाली इन मदर ग्रुप और मिड डे मील की वर्करों की समस्याओं का समाध न नहीं हुआ तो बेमियादी आंदोलन शुरू कर दिया जायगा। वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने बताया की डायरेक्टर ने प्रत्येक महीने की 10 तारीख से पहले मदर ग्रुप की महिलाओं के खाते में मानदेय जमा करने का पत्र भेज रखा है। लेकिन विभाग की सीडीपीओ और प्रोग्राम अधिकारी सरकारी पत्रों की धज्जियां उड़ा रही हैं इनकी पत्रों की परिपालना नहीं होती है। आज की धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान सुदेश ने की जबकि संचालन निज रवि ने किया।


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