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विधायिका सीमा त्रिखा ने बजट सत्र में क्या अद्भुद कहा है

@Vishal Rajput

सीएम मनोहर लाल खट्टर पहली बार बतौर वित्तमंत्री 28 फ़रवरी को बजट पेश करेंगे ।इससे पहले बिजनेस एडवाइजर कमेटी की बैठक हुई ,जिसमे बजट सत्र का एक दिन बढ़ाकर 3 मार्च से 4 मार्च कर दिया । इस बार का बजट सत्र बेहद खास है क्योंकि पहली बार विधायकों के सुझाव से तैयार किया गया। 4 मार्च को प्रश्नकाल होगा और विधानसभा सत्र समाप्त होगा । आज 26 फ़रवरी को प्रशनकाल और राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा हुई । 75 विधायकों ने अपने अपने सुझाव रखे जिनमें से 71 विधायकों के सुझाव मिले ।सभी विधायकों को सुझाव रखने के लिए 5 -5 मिनट का वक्त रखा । जिसमे बड़कल विधानसभा क्षेत्र की मौजूदा विधायिका श्री मती सीमा त्रिखा ने प्रशन किए और समस्या सामने रखते हुए अपने विचार प्रस्तुत किए। विस्थापित परिवारों का शहर है फरीदाबाद । विभाजन के समय विस्थापित परिवारों को इस शहर में स्थापित किया गया और उनकी मेहनत और लगन से एशिया के स्तर पर ये शहर उभर कर आया । सीमा त्रिखा ने उनकी मेहनत और लगन को नमन किया ।उन्होंने कहा कि आज 52 साल में भी इस एरिया में बिल्डिंग बायलॉज नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आवेदन किया की उस समय के काग़ज़ात मंगाए जाए ताकि लोग ये जानसके की ये ज़मीन उनकी पिछली पीढ़ी को रहने खाने और कमाने के लिए दी गई है । इनके लिए एक कानून ऐसा बनाया जाए ताकि कोर्ट के माध्यम से समाज का कोई व्यक्ति सवाल ना उठाए और इन्हे राहत मिले । दूसरी गंभीर समस्या को बताते हुए कहा कि अरावली का इलाका बहुत संवेदनशील है। अरावली के इलाके में फॉरेस्ट एक्ट और माइनिंग एक्ट लागू होता है , वन विभाग वाले इस इलाके में बढ़ती परेशानी के प्रति सख्ती से पेश आए । तीसरी समस्या पानी की किल्लत है , क्योंकि उनका इलाका पहाड़ी इलाका है जिस वजह से पानी की समस्या बड़कल विधानसभा में देखने को मिलती है ।इस ओर भी ध्यान दी जाए । चौथी समस्या सीवरेज की समस्या बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा सीवर लाइन डलवाने की बात हो चुकी लेकिन इस कार्य में थोड़ी गति लेकर आए ताकि जल्द ही समस्या का समाधान किया जा सके । पांचवी और आखरी समस्या में उन्होंने कहा कि हुडा द्वारा इलाके चुने गए जिनमें गांव भी आते है उनका ये कर्तव्य बनता है कि उन इलाकों का विकास कराए लेकिन गांवों की हालत बेहद खराब है ।सड़क पानी और बिजली सभी चीज़ों की समस्या अभी तक है । अंत में सीमा त्रिखा ने कहा कि सरकार के बात हित में जाए या खिलाफ जाए लेकिन जनता के हित में जनी चाहिए जिन्होंने आपको चुना है और यहां अपनी आवाज़ उठाने को भेजा है ।


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