Bootstrap Example

प्रथम सत्र - कृषि, पशुधन एवं डेयरी एवं मत्स्य पालन दूसरा सत्र - शिक्षा, तकनीकी शिक्षा तथा कौशल विकास पर आधारित

@Vishal Rajput

फरीदाबाद : आज बड़कल विधानसभा क्षेत्र की विधायक सीमा त्रिखा ने बजट प्री-चर्चा के प्रथम दिन के प्रथम सत्र जो कि कृषि एवं किसान, पशुधन, डेयरी एवं मत्स्य पालन परिचर्चा पर आधारित था, में मुख्यमंत्री मनोहर लाल को अपने सुझाव देते हुए कहा कि यदि हरियाणा राज्य में सभी आवारा घूम रहे सभी पशुओं को हरियाणा की जेलों जो कि कई-कई एकड़ क्षेत्रफल में बनी हुई हैं, इन आवारा पशुओं के कान पर रजिस्ट्रेशन टैग लगाकर इन्हें जेलों में भेज दिया जाए तो जेलों में रह रहे कैदियों को इनकी सेवा करने का मौका मिलेगा, जिससे इनके हृदय के भाव भी परिवर्तित होंगे तथा गोधन से मिलने वाले गोमूत्र जिसका उपयोग आज विभिन्न प्रकार की देसी दवाइयों में अचूक औषधि के रूप में हो रहा है तथा दूसरा गायों के गोबर से बड़े-बड़े उपले बनाकर उन्हें शमशान घाटों में भेजा जाए और सनातन संस्कृति में अंतिम संस्कार में लकड़ी के स्थान पर इनका उपयोग किया जाए जिससे पेड़ों की लकड़ी को भी कटने से बचाया जा सकेगा तथा पर्यावरण संरक्षण में भी भारी मदद मिलेगी। शिक्षा, तकनीकी शिक्षा तथा कौशल विकास पर आधारित दूसरे सत्र में श्रीमती सीमा त्रिखा ने कहा कि शिक्षा पर फोकस करके चलते हुए शिक्षित हरियाणा-समृद्ध हरियाणा के तहत पहला कार्य बाल-श्रम को रोकना है जिसके लिए किसी भी राज्य से आए बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिल करके उनकी शिक्षा का प्रबंध किया जाए। उन्होंने कहा कि हर बच्चे का जीवन निर्माता शिक्षक और उसके माता-पिता होते हैं और सरकारी स्कूलों में अधिकतर अभावग्रस्त परिवारों से बच्चे शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। इसलिए साल में दो बार पैरेंट्स-टीचर्स सेमिनार का आयोजन किया जाए जिससे सरकार की ऐसी नीतियां जो सरकारी लाभ की नीतियां हैं उनके परिवार वालों तक पहुंच सकें क्योंकि ये इन सभी परिवारों का अपनी रोजी-रोटी कमाने में सारा जीवन निकल जाता है। इससे इन सभी छात्रों के परिवार सरकार की इन जन उपयोगी नीतियों का फायदा उठाकर अपना जीवन स्तर सुधार सकेंगे और इन बच्चों का भविष्य भी अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि बच्चे हरियाणा की भविष्य निधि हैं यदि हम इस निधि को मजबूत और सुरक्षित रखना चाहते हैं तो हमें सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के ट्रेनिंग कार्यक्रम और शिक्षक से सिर्फ पढ़ाने का कार्य ही लिया जाए और अध्यापकों से जो अन्य कार्य लिए जाते हैं उनकी जगह पर सरकार के पिछले कार्यकाल में जो सक्षम योजना चलाई गई जिसके अंतर्गत रोजगार कार्यालयों को पुर्नजीवित किया गया। वहां पर पंजीकृत लोगों को एक निर्धारित मानदेय देकर शिक्षकों के स्थान पर इन लोगों से यह कार्य कराया जाए। सीमा त्रिखा ने कहा कि बच्चों के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जाए और आने वाले में समय में शिक्षा क्षेत्र में व्यय होने वाली राशि को भी बढ़ाया जाए। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि पिछले पांच वर्ष के कार्यकाल में हमारी सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में अभूतपूर्व कार्य करते हुए पूरे देश में नये आयाम स्थापित किए तथा अगले पांच वर्षों में भी हर क्षेत्र में नये आयाम स्थापित होंगे।


Related News



Insert title here