Bootstrap Example

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांंबा ने केंद्र सरकार के श्रम कानून के बारे मे बोले.

@Mahesh Kumar

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांंबा ने कहा कि केंद्र सरकार श्रम कानूनों में पूंजीपतियों के हको मे मजदूर विरोधी बदलाव करके मजदूरों के हितों पर कुठाराघात कर रही है।अगर सरकार संधर्षो के बल पर हासिल किए44 श्रम कानूनों को पूजीपतियों के हको मे मजदूर विरोधी संशोधन करने मे सफल रही तो मजदूर कारखाना मालिकों के बंधवा मजदूर बन कर रह जाऐंगे। प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांंबा ने यह आरोप शनिवार को नगर निगम सभागार में "कर्मचारी आंदोलन व समाजिक सरोकार" विषय पर आयोजित सेमिनार में बतौर मुख्य वक्ता बोलते हुए लगाया। जिला प्रधान अशोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित सेमिनार में नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान व सकसं के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री, हरियाणा रोड़वेज वर्कर यूनियन के मुख्य सलाहकार राम आसरे यादव ,रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा के उपाध्यक्ष यूएम खान, जिला सचिव बलबीर सिंह बालगुहेर व कोषाध्यक्ष युदबीर सिंह खत्री उपस्थित थे। सेमिनार में एलआईसी, एयर इंडिया, आईडीबीआई बैंक को बेचने और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों व जन सेवाओं का निजीकरण करने के निर्णय की घोर निंदा की। उन्होंने उत्पीड़नकारी उदारीकरण की नीतियों के खिलाफ सभी पीड़ित लोगों को एकत्रित होकर नव उदारीकरण की नीतियों व साम्प्रदायिकता के खिलाफ और धर्मनिरपेक्षता,संविधान, जनतंत्र की रक्षा के लिए निर्णायक आंदोलन का निर्माण करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्पीड़नकारी नव उदारीकरण की नीतियों के कारण आज गरीब व अमीर के बीच का अंतर बढता जा रहा है।रोजगार समाप्त करने वाला विकास हो रहा है। लोगों की खरीद की ताकत कमजोर हो रही है।जिसके कारण ही आर्थिक मंदी आई है। 27 फरवरी को मांग दिवस मनाऐंगे। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि 27 फरवरी को मांग दिवस मनाया जायेगा। मांग दिवस पर सभी विभागों में कर्मचारियों की विरोध सभाओं का आयोजन किया जायेगा और केंद्र एवं राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मांग दिवस पर एनपीएस रद्द कर पुरानी पेशन बहाल करने,ठेका प्रथा समाप्त कर सभी प्रकार के पार्ट टाइम व ठेका कर्मचारियों को पक्का करने,पक्का होने तक समान काम समान वेतन और सेवा सुरक्षा प्रदान करने, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों एवं जन सेवाओं के निजीकरण पर रोक लगाने, केंद्र व राज्य सरकारों के विभागों में खाली पड़े पदों को संवैधानिक संस्थाओं द्वारा पक्की भर्ती से भर बेरोजगारों को रोजगार देने,10 की बजाय 5 साल में मे वेतनमान निर्धारित करने,पंजाब के समान वेतन व पेंशन देने और गत वर्ष बीस जुलाई को मुख्यमंत्री के साथ हुई मीटिंग में मानी हुई मांगों को लागू करने आदि को प्रमुखता से उठाया जाऐगा। सेमिनार में सकसं हरियाणा व विभागीय यूनियनों के पदाधिकारी अतर सिंह केशवाल,खुर्शीद अहमद, ,दिनेश कुमार, करतार सिंह, गुरचरण सिंह खाडिया, मुकेश बेनीवाल, भूप सिंह, गिरीश चंद्र, कृष्ण चंद, रघबीर चौटाला, मनोज कुमार आदि उपस्थित थे।


Related News



Insert title here