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पर्यटकों के दिलों पर छाया पंजाब पुलिस की हरविंदर की बुलंद आवाज का जादू

@Mahesh Kumar

पर्यटकों के दिलों पर छाया पंजाब पुलिस की हरविंदर की बुलंद आवाज का जादू 34 सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में मुख्य चौपाल व छोटी चौपाल पर पंजाब पुलिस की हरविदंर कौर की बुलंद आवाज का जादू पर्यटकों के सिर चढक़र बोल रहा है। पंजाब पुलिस कल्चरल ट्रूप पटियाला की पूरी टीम द्वारा की जाने वाली प्रस्तुति के लिए पर्यटक सुबह छोटी चौपाल तथा दोपहर बाद मुख्य चौपाल पर बाट जोहते है। पंजाबी लोक गायिकी, भंगडा व ढोल की परपंरागत शैली को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत कर पंजाब पुलिस कल्चरल ट्रूप पर्यटकों के दिलो पर अपनी विशेष छाप छोड़ रहा है। होशियार जिला के बसुआ पिंड की रहने वाली पुलिस कर्मी हरविंदर कौर की बुंलद व सुरीली आवाज की कशिश ऐसी है कि चौपाल में मौजूद देसी विदेशी पर्यटक मंच में आकर साथ नाचने लगते है। हरविंदर कौर की पूरी टीम पंजाबी लोक गीत दमदार तरीके से गाते हुए नृत्य करते है तो नजारा देखते ही बनता है और चौपाल में बैठे पर्यटक उनके कायल हो जाते है। पंजाब पुलिस कल्चरल ट्रूप के डारेक्टर सुरेंद्र तथा डिप्टी डारेक्टर एसआर शर्मा ने बताया कि वे वर्ष 2002 से लगातार सूरजकुंड मेले में आ रहे है। मेले में मंच के माध्यम से उनके ट्रूप को विशेष पहचान मिली है और वे अब तक अपने देश के अलावा दूसरे कई देशों में पंजाबी लोक गायन का प्रदर्शन कर चुके है। गायिका हरविंदर कौर ने बताया कि उन्होंने 2018 में पंजाब पुलिस में नौकरी ज्वाइंन की है और पहली बार सूरजकुंड मेले में आई है। उन्होंने कहा कि जो आनंद और पर्यटकों का प्यार उन्हे सूरजकुंड मेले में मिला है वे उसे कभी नहीं भूल पाएंगी। फोटो परिचय- 01, 02 -------------- सूरजकुंड (फरीदाबाद), 11 फरवरी। 34वें अतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में एक से बढकर जाने माने कलाकार पहुंच रहे हैं। मूल रूप से उदयवीर नगाड़ा पार्टी भी इन्हीं मे से एक कलाकार है। जिन्हें देखने व सुनने के लिए पर्यटकों में खासा उत्साह नजर आ रहा है और उनकी धुन सुनते ही युवाओं के पैर अपने आप की थिरकने लगते हैं। मुख्य चौपाल के पीछे की तरफ उदयवीर अपनी पूरी टीम के साथ भारत की प्राचीन सांस्कृतिक कला बीन नगाड़ा के माध्यम से पर्यटकों का मनोरजंंन कर रहे हैं। देसी विदेश पर्यटकों को भी बनी नगाड़ा की धुन इस कदर भा रही है कि वे उनके साथ झूमने लगते है और सेल्फी लेते है पर्यटकों को पसंद आ रही है तुर्की सजावटी लैंप की चित्रकारी. शीशे में हाथों की गई नक्कासी से बने तुर्की देश के खूबसूरत लैंपों को देखने अथवा खरीदने के इच्छुक हैं तो तुर्की की स्टाल पर जाना न भूलें। इन लैंपों की खासियत है कि वे शीशे से बने है और उन पर हाथ से जबरदस्त चित्रकारी की गई है, जो तुर्की की विशेषता है। अमूमन इस क्वालिटी के घर के सजावटी लैंप आपको किसी भी बाजार में जल्द नहीं मिलेंगे। 34वें अतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में लगे इस तुर्की के स्टॉल पर दुभाषिये की भूमिका अदा कर रही फरीदाबाद निवासी ज्योति ने बताया कि यहां से हाथ की दस्तकारी किए हुए सेरेमिक लैंप, प्लेट, कटोरे सहित अनेक गिफ्ट आईटम आप खरीद सकते है जिन्हें किसी को विशेष मौके पर भेंट किया जा सकता है। इस स्टॉल पर पर्यटकों को एक हजार से लेकर 25 हजार तक के आकर्षक व बेहर सुंदर सामान मिल सकता है।सूरजकुंड मेले में बच्चों ने देखी 12 मन की जब बच्चें 12 मन की धोभन यानि बाइसकोप में फिल्मी गानों को देख मजा ले रहे थे तभी सांपला से मेले में पहुंचा ताऊ होशयार सिंह भावुक होते हुए बोले, वो भी घणा बढिय़ा टैम था अर मेले में आके मै फैर बालक हो गया। कुछ ऐसा ही नजारा था मंगलवार को जब बच्चों की टोली व छात्राओं ने सूरजकुंड मेले में पंजाब के भंठिडा जिले से बाइसकोप दिखाने वाले कृष्ण को घेर रखा था। बारी बारी से बाइसकोप का आनंद उठा रहे बच्चों की उत्सकता देख ताऊ होशियार सिंह की बीते जमाने की यादे ताजा हो गई। उन्होंने बताया कि मै, मेरे दोस्त रोशन, अमीलाल, देवी सिंह और सूरजभान भी जेठ की गर्मियांं मै भी बाइसकोप वाले कै पाछे पाछे फिरा कर दे, जब तो आनै आनै मै हम या फिल्म दैख्या करदै। उन्होंने कहा कि सूरजकुंड मेला हमारी लुप्त हो रही कला को बचाने व भावी पीढ़ी को उससे पहचान करवाने का सही मंच है। मेला देखने आए नवीन कुमार ने कहा कि जब उनका बेटा मोहि बाइसकोप देख रहा था तो मैने अजीब सी खुशी उसके चेहरे पर देखी। मै हैरान था कि दिनभर कार्टन या वीडियो गेम देखने वाले बच्चा इतना खुश है। यहां आकर मुझे बहुुत कुछ सीखने व अपनी सभ्यता से रूबरू होने का अवसर मिला।


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