Bootstrap Example

क्या आंखे खुलने के लिए दुर्घटना का होना जरूरी है ?

@Vishal Rajput

फरीदाबाद : लापरवाही का सितम शहर में इस कदर फैलता जा रहा है कि अब निर्दोष को कब इस लापरवाही का खामियाजा भुगतना पढ़ जाए ये कोई नहीं बता सकता । लेकिन जरूरी बात तो ये है कि किसी के घायल होने से या ज़िन्दगी से खिलवाड़ करने से अच्छा अपनी लापरवाही को सुधार लिया जाए तो इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है। शहर में सीवर के ढक्कन खुले रहने से केवल बदबू ही नहीं बल्कि खतरा भी है ।खेलते कूदते नादान बच्चे कभी भी उनकी जान जोखिम में आसक्ति है। उनके प्रति चिंता करते हुए सरकार को अधूरे काम पूरे करवा देने चाहिए । नीचे दी गई तस्वीर सेक्टर 21 डी डीएचबीवीएन ऑफिस के सामने की है जहां पिछले कई दिनों से ये मैन होल खुला है जिसमें गिरकर कोई भी घायल हो सकता है। केवल इंसान है नहीं बल्कि जानवरों को भी खतरा है ,लेकिन पहले इंसान तो पूरी तरह सुरक्षित हो । तब ही तो जानवरों की सुरक्षा होगी ।इस जगह इस खुले सीवर के कारण अक्सर गंदी बदबू तो फैलती ही है साथ साथ डर भी है कहीं कोई इसमें गिर कर घायल न हों जाए । इससे पहले इस सीवर में गिरकर किसी निर्दोष को चोट आए सरकार को इस समस्या का हल जल्द से जल्द निकालना होगा ।


Related News



Insert title here