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हाईवे पर हुए गड्ढों के कारण हादसे में पुत्र ने गवाई थी जान، छ: साल बाद भी नहीं भरे गड्ढे तो लापरवाह प्रशासन का भरोसा छोड़ पिता ने खुद भरे गड्ढे

@Anuj Sharma

आज से 6 साल पहले 10 फरवरी 2014 को बाटा मोड़ पर नेशनल हाइवे पर बने हुए गड्ढों की वजह से मनोज वधवा के साथ सड़क दुर्घटना हुई थी जिसमें मनोज वाधवा एवं उनकी पत्नी को गंभीर चोट आई थी एवं हादसे में उनके 3 वर्षीय पुत्र पवित्र वाधवा की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस हादसे में पुलिस ने हिट एंड रन मामले के तहत केस दर्ज किया था लेकिन मनोज वाधवा का कहना था कि ये मामला हिट एंड रन का नहीं बल्कि नाकारा अफसरों एवं रोड निर्माण करने वाले भ्रष्ट कॉन्ट्रैक्टर की लापरवाही का है। जिसके लिए मनोज वाधवा ने इसकीशिकायतउससमयकीजॉइंटकमिश्नरफरीदाबादकोमई२०१४मेंकी। जिसके बाद एसीपीऔरडीसीपीट्रैफिकनेघटनाकीदोबाराजांचमेंपायाकिघटनाकीमुख्यवजहसड़कपेबने गड्ढेहीथे। मनोज वाधवा का कहना है कि इननाकाराऑफिसर्सकोकिसीकानूनकाडरनहींहैंइसीलिएआजभीबाटामोड़ परजहाँवोदर्दनाकहादसाहुआथा वहांवे गड्ढेअभी भीमौजूद है। मैंनहींचाहताकियेगड्ढेकिसीऔरकीजानलेंइसलिएमैंनेआजअपनीपत्नीटीनाकेसाथवहाँउनमौतकेगड्डोंकोभरनेकीठानीक्योकिहमनहींचाहतेकिकिसीऔरमाँबापकोयेदर्दसहनापड़ेजोहमनेसहाहै।अपनेसामनेअपनेबच्चेकोखोनेकागमक्याहोताहैउसदर्दसेआजभीहमारीरूहकाँपजातीहै।इसलिएहमनहींचाहतेकिसीऔरकेसाथयेहादसाहोऔरयेगड्डेकिसीकीजानलें। इसी के चलते आज मनोज वाधवा, उनकी पत्नी एवं अन्य साथियोंकेद्वारावहाँजाकरजिस उनके पुत्रपवित्रकीजानगयीथीवहाँआजएकमौतकागड्डाभरा गया और उनका ये कदम लापरवाह एवं नाकारा प्रशासन के मुंह पर एक करारे तमाचे के समान है।


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