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8 महीने में पुरा होगा ऐतिहासिक रानी की छतरी के जीर्णोद्धार का कार्य

@Deepika Gaur

 


करीब साढे 3 साल से लटका रानी की छतरी व शाही तालाब के जीर्णोद्धार का  कार्य जल्द ही पूर्ण हो जायेगा । करीब 1.20 करोड़ की लागत से इस ऐतिहासिक विरासत को संवार कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। छतरी के मूल स्वरूप को बरकरार रखते हुए राजस्थान से मंगाए गए पत्थरों से इसे नया रूप दिया जाएगा। 
बल्लभगढ़ के राजा नाहर सिंह 1857 की क्रांति के अग्रणी योद्धाओं में शामिल थे। 9 जनवरी 1858 को अंग्रेजों ने राजा नाहर सिंह को धोखे से गिरफ्तार कर दिल्ली में चांदनी चौक के लाल कुआं पर फांसी पर लटका दिया था। उनके शहीद होने के बाद राजा के सभी महल, छतरी व तालाब अंग्रेजों ने अपने कब्जे में ले लिए थे। नेशनल हाइवे के पास राजा नाहर सिंह की ऐतिहासिक रानी की छतरी आज भी मौजूद है। यहीं पर शाही तालाब भी है। इसमें रानी स्नान करती थीं। स्नान करने के बाद छतरी के ऊपर रानी पूजा अर्चना करती थीं। अभी भी छतरी के ऊपर पूजा स्थल मौजूद है।

कई साल से अटका था जीर्णोद्धार का काम

2010 में रानी की छतरी और शाही तालाब के जीर्णोद्धार के लिए 10 लाख रुपए मिले थे। इसके बाद इसका काम इंटेक संस्था की देख-रेख में शुरू हुआ था। लेकिन 10 लाख रुपए खत्म होने के बाद और राशि नहीं मिली तो जीर्णोद्धार का काम रुक गया था।
कुछ महीनो पहले  अनाज मंडी में आयोजित रैली में सीएम मनोहर लाल से 1.20 करोड़ देने की मांग की थी। उन्होंने इसकी मंजूरी दे दी थी। राशि मिलने के बाद अब इसका काम शुरू हो गया है और 8 महीने  महीने में इसका कार्य पुर्ण हो जायेगाा। 


 


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